Jul 10, 2026
मोतियाबिंद (Cataract) का ऑपरेशन आज के समय में सबसे सुरक्षित और सफल आंखों की सर्जरी में से एक माना जाता है। लेकिन कई मरीजों के मन में एक सवाल अक्सर आता है—
"क्या मोतियाबिंद का ऑपरेशन दोबारा हो सकता है?"
इसका सीधा उत्तर है नहीं, सामान्य परिस्थितियों में मोतियाबिंद दोबारा नहीं होता।
हालांकि, कुछ लोगों को ऑपरेशन के महीनों या वर्षों बाद फिर से धुंधला दिखाई देने लगता है। ऐसे में उन्हें लगता है कि मोतियाबिंद वापस आ गया है, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं होता।
इस ब्लॉग में हम विस्तार से समझेंगे कि ऑपरेशन के बाद दोबारा धुंधला क्यों दिख सकता है, इसका इलाज क्या है और कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
मोतियाबिंद वह स्थिति है जिसमें आंख का प्राकृतिक लेंस धीरे-धीरे धुंधला हो जाता है। इसके कारण मरीज को—
जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
मोतियाबिंद का स्थायी इलाज केवल सर्जरी है, जिसमें धुंधले प्राकृतिक लेंस को हटाकर उसकी जगह एक कृत्रिम Intraocular Lens (IOL) लगाया जाता है।
नहीं।
एक बार प्राकृतिक लेंस निकाल देने के बाद वही मोतियाबिंद वापस नहीं बनता।
यानी जिस लेंस में मोतियाबिंद था, वह सर्जरी के दौरान पूरी तरह निकाल दिया जाता है। इसलिए उसी स्थान पर दोबारा मोतियाबिंद बनने की संभावना नहीं रहती।
लेकिन कई मरीजों को कुछ समय बाद फिर से धुंधला दिखाई देने लगता है। इसका सबसे सामान्य कारण Posterior Capsule Opacification (PCO) होता है, जिसे आम भाषा में सेकेंडरी कैटरेक्ट कहा जाता है।
मोतियाबिंद की सर्जरी के दौरान कृत्रिम लेंस को आंख के एक पतले पारदर्शी कैप्सूल में लगाया जाता है।
समय के साथ यह कैप्सूल धुंधला हो सकता है, जिससे मरीज को ऐसा महसूस होता है कि मोतियाबिंद फिर से हो गया है।
असल में यह नया मोतियाबिंद नहीं होता बल्कि केवल कैप्सूल का धुंधला होना होता है।
यदि आपको ऑपरेशन के बाद निम्न समस्याएं महसूस हों तो यह सेकेंडरी कैटरेक्ट हो सकता है—
नहीं।
अधिकांश मामलों में दोबारा बड़ी सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती।
इसके लिए YAG Laser Capsulotomy नामक एक तेज़, दर्दरहित और बिना टांके वाली लेज़र प्रक्रिया की जाती है।
इस प्रक्रिया में धुंधले कैप्सूल में एक छोटा-सा खुला हिस्सा बनाया जाता है जिससे रोशनी दोबारा साफ़ तरीके से रेटिना तक पहुंचती है।
पूरी प्रक्रिया सामान्यतः कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है और मरीज उसी दिन घर जा सकता है।
कुछ मरीजों में इसकी संभावना अपेक्षाकृत अधिक हो सकती है, जैसे—
हाँ।
अनुभवी नेत्र विशेषज्ञ द्वारा किए जाने पर YAG Laser Capsulotomy एक सुरक्षित और प्रभावी प्रक्रिया मानी जाती है।
इसके प्रमुख लाभ—
मोतियाबिंद सर्जरी के बाद इन बातों का पालन करें—
यदि ऑपरेशन के बाद—
तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।
यदि आपको मोतियाबिंद, धुंधली दृष्टि या ऑपरेशन के बाद दोबारा विज़न से जुड़ी कोई समस्या महसूस हो रही है, तो विशेषज्ञ से जांच करवाना सबसे महत्वपूर्ण कदम है।
Vision Eye Centre पिछले 26+ वर्षों से आधुनिक नेत्र चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है। यहां अनुभवी नेत्र विशेषज्ञों द्वारा उन्नत तकनीक के साथ Cataract Surgery, Premium Lens Implantation, YAG Laser Capsulotomy, Retina, Cornea, Glaucoma, LASIK और अन्य नेत्र उपचार उपलब्ध हैं। यह NABH Accredited Eye Hospital है और इसके प्रमुख केंद्र Siri Fort Road, South Delhi तथा West Patel Nagar, New Delhi में स्थित हैं।
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मोतियाबिंद का ऑपरेशन सामान्यतः दोबारा नहीं होता क्योंकि धुंधला प्राकृतिक लेंस सर्जरी के दौरान पूरी तरह निकाल दिया जाता है।
यदि ऑपरेशन के बाद फिर से धुंधला दिखाई देता है तो अधिक संभावना Secondary Cataract (Posterior Capsule Opacification) की होती है, जिसका इलाज कुछ ही मिनटों की सुरक्षित YAG Laser प्रक्रिया से किया जा सकता है।
यदि आपको मोतियाबिंद या ऑपरेशन के बाद दृष्टि संबंधी कोई भी समस्या महसूस हो रही है, तो स्वयं अनुमान लगाने के बजाय किसी अनुभवी नेत्र विशेषज्ञ से जांच अवश्य कराएं।
नहीं। सामान्य परिस्थितियों में दोबारा मोतियाबिंद का ऑपरेशन नहीं करना पड़ता। यदि धुंधलापन आता है तो उसका कारण अक्सर सेकेंडरी कैटरेक्ट होता है।
नहीं। एक बार प्राकृतिक लेंस निकाल दिए जाने के बाद उसी लेंस में दोबारा मोतियाबिंद नहीं बनता।
यह कृत्रिम लेंस के पीछे मौजूद कैप्सूल का धुंधला होना है। इसे Posterior Capsule Opacification (PCO) भी कहा जाता है।
YAG Laser Capsulotomy द्वारा, जिसमें केवल कुछ मिनट लगते हैं और मरीज उसी दिन घर जा सकता है।
नहीं। यह सामान्यतः दर्दरहित प्रक्रिया है और इसमें टांके या चीरे की आवश्यकता नहीं होती।
इसके कई कारण हो सकते हैं, जिनमें सबसे सामान्य कारण Posterior Capsule Opacification (PCO) है। सही कारण जानने के लिए आंखों की जांच आवश्यक होती है।
अधिकांश मरीजों की दृष्टि कुछ दिनों में बेहतर हो जाती है, जबकि पूरी रिकवरी में कुछ सप्ताह लग सकते हैं।
हाँ। डायबिटीज़ वाले मरीजों में आंखों की नियमित जांच अधिक महत्वपूर्ण होती है क्योंकि अन्य नेत्र रोग भी दृष्टि को प्रभावित कर सकते हैं।
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